Dholpur (धौलपुर) District Jila Darshan

धौलपुर

👉 प्राचीन नाम- कोठी
👉 उपनाम- पूर्वी राजस्थान का प्रवेश द्वार, रेड डायमंड
👉 मचकुण्ड- नामक स्थान को तीर्थो का भान्जा कहते है।
dholpur district tehsil list, dholpur district map-
dholpur village list-total village-195
Dholpur (धौलपुर) District Jila Darshan
dholpur-District-map

परिचय

धौलपुर की स्थापना तोमरवंशीय धंवलदेव के द्वारा की गई।
⏩ दिल्ली का लालकिला धौलपुर के लाल पत्थरो से बना है।
⏩ मेवाती व रथ नस्ल की गाय अलवर, भरतपुर व धौलपुर मे पायी जाती है।
⏩ मेवाती को कोठी नाम से जाना जाता है।
⏩ यहां पर म्बल नदी को स्थानीय भाषा में डांग नाम से पुकारा जाता है।

dholpur area- 3034 km²

आकार की दृष्टि से यह राज्य का सबसे छोटा जिला है।
⏩ यह राज्य का एकमात्र नैरोगेज वाला जिला है।
⏩ यहां का खानपुर महल शाहजहां की आरामगाह कहलाता है।
⏩ यहां राज्य का दुसरा मिल्ट्री स्कुल है। पहला स्कुल अजमेर में है।
15 अप्रेल 1982 मे भरतपुर से अलग होकर यह राज्य का 27वां जिला बना।
⏩ यहां के सेपउ मे सेपउ महादेव मंदिर है।
⏩ धौलपुर कांच उद्योग के लिए सबसे ज्यादा उपयुक्त स्थान है।
⏩ चम्बल नदी धौलपुर की सीमा पर बहती है।

dholpur tahsil- 6

यह जिला सबसे कम अनुसुचित जाति व जनजाती लिगांनुपात वाला जिला है।
⏩ 2011 में सबसे कम लिंगानुपात व सबसे कम ग्रामीण लिंगानुपात इसी जिले का है।
⏩ यहां का एकमात्र मुख्य खनिज इमारती पत्थर है।
⏩ धौलपुर के नींबु बहुत प्रसिद्ध है।

स्थान विशेष

शेरगढ़ का किला -
⏩ जोधपुर महाराज मालदेव द्वारा निर्मित किला जिसका पुनःनिर्माण शेरशाह सुरी ने 1540 में करवाया। यहां पर प्रसिद्ध हुनहुंकार तोप है।
⏩ जिसकी मार चार मील तक होती थी।
⏩ धौलपुर के पहले राजा किरत सिंह की राजधानी भी यही किला है।
दामोह - इस स्थान पर लार्ड लेक ने दौलत राव सिधिंया को हराया था। यही पर दामोह जलप्रपात है।
बसेड़ी - इस स्थान पर तालाब शाही झील का निर्माण फिरोज शाह तुगलक ने करवाया। सालेखान ने इस स्थान पर शाहजहां के लिए महल का निर्माण कार्य करवाया था।
मचकुण्ड –

  • मचकुण्ड में तीर्थराज का मेला लगता है।
  • इसे तीर्थो का भान्जा भी कहा जाता है।
  • तीर्थराज पुष्कर को तीर्थो का मामा कहा जाता है।
  • यहीं पर चट्टान को काटकर कमल के फुल के आकार मे एक बाग बनाया गया है जिसका उल्लेख बाबरनामा मे किया गया है।
  • यहां गंधमान पर्वत पर शेरशिकार गुरूद्वारा है जिसका सम्बंध सिख गुरू हरगोविन्द सिंह जी से है।

निहाल टावर
  • धौलपुर के घंटाघर को निहाल टावर कहते है
  • जिसका निर्माण राजा निहालसिंह ने 1880 में शुरू करवाया।
  • इसका निर्माण 1910 में राजा रामसिंह के समय पुरा हुआ।
  • 8 मंजीला इस टावर में घंटे का वजन 600 किलो है।
  • इस घंटाघर की घड़ी का निर्माण इग्लैंड की मैसर्स जिलेट जॉनसन क्रोपड्रोन नामक कम्पनी ने किया।

धौलपुर गैंस आधारित विद्युतगृह - इसे गैल द्वारा हजीरा, जगदीशपुरा पाइपलाइन द्वारा गैंस पहुचाई जाती है। गैंस की आपुर्ति O.N.G.C. के द्वारा की जाती है। यह मिश्रित इंधन आधरित विद्युतगृह है। इसकी दो युनिट गैंस से व एक भाप से चलती है।

राजस्थान एक्सप्लोजिव लि., धौलपुर- यहां पर लाल पत्थरो के लिए विस्फोटक तैयार किए जाते है। हाल ही में यह कम्पनी अनधिकृत कम्पनियो को विस्फोटक देने के कारण चर्चित रही है।

राजाखेड़ा - यहां पर भरतपुर के राजा सूरजमल ने मिट्टी का किला बनवाया था।

तसीमो की घटना – यहां पर 11 अप्रेल 1947 को तिरंगा लहराने की कोशिश करने पर छितरसिंह व पंचमसिंह की पुलिस कार्यवाही मे मृत्यु हो गई थी।

dholpur population- 1.26 lakh

अन्य - यहां पर हाईटेक प्रिसीजन ग्लास फेक्ट्री, बीबी जरीना का मकबरा, जारजरीन मस्जिद, वन्य विहार तथा रामसागर अभ्यारण्य भी प्रसिद्ध स्थल है।

मुख्य बांध परियोजनाएं – पार्वती सागर, उर्मिला सागर व रामसागर

आर.टी.डी.सी. होटल – वनविहार

सर्वाधिक क्षेत्रफल व उत्पादन वाली फसल - आलु

dholpur news, dholpur pin code- 328001

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ